Monday, November 30, 2009

किसान

दुनिया मे कोई ईश्वर का सबसे बड़ा भक्त है तो वो है किसान .दुनिया मे यदि
कोई ईश्वर को प्रिय है तो वो है किसान .दुनिया मे यदि कोई सबसे अधिक सुखी
या फिर दुखी है तो वो भी है किसान आप सोचते होंगे की मे किस तरह की बात
कर रही हूँ

गाँव मे आती है मिट्टी की खुसबू जो जीवन है हर मानवता का आप को क्या
क्या बताऊ गाँव के बारे मे आप स्वयम अपने परिवार की किसी ऐशी पीढी से
पूछे जो गाँव मे रही है वो भी शायद कहे की शब्द नहीं है होने के पास वो
अनुभव बयान करने के लिए लकिन उनके चहरे पर आई ख़ुशी से आप केवल अंदाजा भर
लगा सकते हो लेकिन उसे जब तक जियोगे नहीं तब तक आपको उस मिठास के विषय मे
बताना अतिशोय्क्ति जैसा लगेगा और ये गलत भी नहीं है गाँव जहाँ व्यक्ति
नहीं रहता और न ही रहते है आज कल का परिवार (माँ, पिता और उनके बच्चे )
वहाँ है तो परिवार अपने पूरे रूप रंग मे जिसमे लगभग सभी रिश्ते - नाते
माता -पिता ,दादा -दादी ,चाचा -चाची,ताऊ- ताई, बहन - भाई अथवा कुटुंब
(कुनबा) जिसमे कुछ गाँव तो केवल एक ही वंश का होता है और पूरे गाँव के
लड़के -लड़कियों के बीच कोई न कोई रिश्ता - नाता होता है और उसे वो पूरी
ईमानदारी से निभाते है

गाँव कोई पिछड़ा हुआ सामाज नहीं है बल्कि वो तो अपने आप मे पूरी तरह
आत्मनिर्भर सामाज है और वो अक्सर उन लोगो के लिए भी सेवा भावः से कार्य
करता है जो शहर मे रहते है उसे उनसे कोई डर नहीं है बल्कि उसको वो अपने
भाई के समान जीवन भर अन्न का प्रसाद देता है और इसे अपना पहला कर्तव्य
समझता है

5 comments:

  1. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी टिप्पणियां दें

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  2. Eeshwar har us wyakti ke qareeb hai jo apna,apna kaam imandaree se nibhata hai...unme se kisan ek hai..mai khud ek kisankee beti hun!

    Swagat hai!

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  3. आप सही कह रहे है। ये एक बड़ी सच्चाई है।

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  4. jai jawaan jai kishaan ka naaraa lagaakar hi pure desh ko khaane yukt saamgri mil paati hai !!!

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